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Silver ETF : ICICI Prudential फंड सिल्वर ईटीएफ एनएफओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, क्या आपको करना चाहिए निवेश?

कीमती मेटल होने के साथ-साथ चांदी इंडस्ट्री में काफी इस्तेमाल होती है। इसलिए, इकोनॉमिक रिकवरी और ग्रोथ को देखते हुए यह अच्छा दांव हो सकती है

ICICI Prudential Mutual Fund Silver ETF NFO : आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) बुधवार यानी 5 जनवरी, 2022 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। इसके अलावा, मार्केट रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) द्वारा कुछ नियमों के अधीन कई म्यूचुअल फंड अपने सिल्वर ईटीएफ लाने के लिए तैयार हैं।

जानिए क्या है स्कीम?

सिल्वर ईटीएफ अपनी सिल्वर होल्डिंग्स के इनवेस्टमेंट रिटर्न को ट्रैक करेगा। सेबी नियमों के तहत सिल्वर ईटीएफ को 99.9 फीसदी शुद्धता वाली चांदी रखनी होती है। म्यूचुअल फंड्स को लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) के स्टैंडर्ड्स के तहत चांदी का मूल्यांकन करना होता है।

ईटीएफ का एक्सपेंस रेशियो 50-60 बेसिस प्वाइंट्स होगा। यह एक ईटीएफ है, इसलिए इसमें डीमैट अकाउंट रखने वाले इनवेस्टर ही निवेश करेंगे। इनवेस्टर्स को ब्रोकरेज फीस या एक्सचेंज पर ट्रांजैक्शन की दूसरी कॉस्ट चुकानी होगी। आईसीआईसीआई एमएफ 13 जनवरी, 2022 को सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड लॉन्च करेगी, जिससे इसमें वे लोग भी निवेश कर सकेंगे जिन के पास डीमैट अकाउंट नहीं है।

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यह कैसे करता है काम

कीमती मेटल होने के अलावा, चांदी इंडस्ट्री में काफी इस्तेमाल होती है। इसलिए, इकोनॉमिक रिकवरी और ग्रोथ को देखते हुए यह अच्छा दांव हो सकती है।

चांदी कई इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट – इलेक्ट्रिकल सर्किट्स, बैटरीज, एलईडी चिप्स और आरएफआईडी चिप्स में इस्तेमाल होती है। इसका फोटोवोल्टिक सेल्स (सोलर एनर्जी के लिए), मेडिसिन, न्यूक्लियर रिएक्टर्स, गैजेट, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स आदि में भी इस्तेमाल है।

आईसीआईसीआई म्यूचुअल फंड के हेड-प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटजी चिंतन हरिया ने कहा, “चांदी का इंडस्ट्री में इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इस ट्रेंड के कारण चांदी की खपत होती है और यह रिसाइकिल नहीं होती है। इसलिए, यदि मांग बढ़ती है तो चांदी की कीमतें ऊपर जा सकती हैं।”

2020 से चांदी ने सोने की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन 10 साल की अवधि में सोने ने अच्छा रिटर्न दिया है।

मेहता ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज) राहुल कलंत्री ने कहा, “जब सोने की कीमतें चढ़ती हैं तो चांदी में भी डिमांड बढ़ती है और फिर चांदी में मजबूती आने लगती है। इसी प्रकार, जब सोना टूटता है तो चांदी से डिमांड सोने की ओर शिफ्ट होने लगती है और फिर चांदी की कीमतें कमजोर होने लगती हैं।”

क्या नहीं होता है

भले ही सोना और चांदी की कीमतों के बीच कुछ लिंक है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। उदाहरण के लिए, महामारी के दौर में मंदी के कारण सोने में सेफ हैवन डिमांड बढ़ सकती है, लेकिन इंडस्ट्री में सुस्ती के चलते चांदी में गिरावट आ सकती है।

फैमिली फर्स्ट कैपिटल के फाउंडर और ETFs के प्रकार एमडी रूपेश नागड़ा कहते हैं कि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते इनवेस्टर इसे लंबी अवधि तक होल्ड करने से बच सकते हैं। हरिया ने कहा, “चांदी की कीमतों में ETFs के प्रकार सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।”

मनीकंट्रोल का रुख

डायवर्सिफिकेशन और महंगाई के खिलाफ हेजिंग को देखते हुए इनवेस्टर्स के लिए गोल्ड लिंक्ड इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट पर्याप्त होने चाहिए। यह इक्विटी से जुड़े उतार-चढ़ाव के खिलाफ भी अच्छा काम करेंगे। ज्यादा डायवर्सिफिकेशन पर विचार कर रहे इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो में से कम अलोकेशन के लिए सिल्वर ईटीएफ पर विचार कर सकते हैं। एनएफओ 19 जनवरी, 2022 तक खुला रहेगा।

MoneyControl News

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First Published: Jan 06, 2022 12:51 PM

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Nifty 50 ETF: नए निवेशक करना चाहते हैं शेयर बाजार में निवेश तो चुन सकते हैं ये रास्‍ता, लंबे समय में होगा फायदा

Nifty 50 ETF: अगर आप शेयर बाजार में निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो अप्रत्‍यक्ष रूप से प्रबंधित निफ्टी 50 ईटीएफ एक बेहतर विकल्‍प हो सकता है जो लंबे समय में अच्‍छा मुनाफा ETFs के प्रकार भी दे सकता है.

By: ABP Live | Updated at : 09 Nov 2022 08:42 AM (IST)

Nifty 50 ETF: शेयर बाजार में निवेश करने का कोई उचित समय नहीं होता. मतलब आप शेयर बाजार की टाइमिंग नहीं कर सकते. दूसरी तरफ, भारतीय शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाई छू रहे हैं. इक्विटी लंबे समय में बाकी सभी एसेट क्‍लास (Asset Class) की तुलना में बेहतर रिटर्न भी देते हैं. अब सवाल उठता है कि शेयरों में निवेश की शुरुआत कैसे करें. अगर आप शेयरों में निवेश के मामले में नए हैं तो निवेश करने के लिए सही कंपनी चुनना आसान काम नहीं है. इसके लिए आपको कंपनी की आर्थिक स्थिति, उसकी व्यावसायिक संभावनाओं, वैल्यूएशन, उद्योग की गतिशीलता, बाजार की स्थितियों आदि को समझने की जरूरत है.
यहां पर निफ्टी 50 ईटीएफ (Exchange Traded Funds) सामने आता है. ईटीएफ एक किसी खास इंडेक्‍स को ट्रैक करता है और स्‍टॉक एक्‍सचेंजों पर इसका कारोबार भी शेयरों की तरह ही किया जाता है. हालांकि, इसे म्‍यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा पेश किया जाता है. आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग के समय स्‍टॉक एक्‍सचेंजों ईटीएफ के यूनिट्स की खरीद-बिक्री कर सकते हैं. इस संबंध में, निफ्टी 50 ईटीएफ पहली बार शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए स्टार्टिंग पॉइंट हो सकता है.
ऐसे निवेशकों के लिए निफ्टी 50 ईटीएफ बहुत कम राशि में भी एक्सपोजर देगा. ईटीएफ की एक यूनिट को आप कुछ सौ रुपये में खरीद सकते हैं. उदाहरण के लिए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ एनएसई पर 185 रुपये की कीमत पर ट्रेड कर रहा था. इस प्रकार आप 500-1000 रुपये तक का निवेश कर सकते हैं और एक्सचेंज से निफ्टी 50 ईटीएफ के यूनिट्स खरीद सकते हैं. आप हर महीने व्यवस्थित निवेश भी कर सकते हैं. ऐसा करने से आप बाजार के सभी स्तरों पर खरीदारी करेंगे और आपके निवेश की लागत औसत होगी. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 ईटीएफ का ट्रैकिंग एरर, जो किसी अंतर्निहित इंडेक्स से फंड रिटर्न के डेविएशन का एक पैमाना है - 0.03% है, जो निफ्टी 50 ईटीएफ यूनिवर्स में सबसे कम है. सीधे शब्दों में कहें तो यह संख्या जितना कम है, उतना बेहतर.
निफ्टी 50 इंडेक्स में बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के मामले में देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हैं. इसलिए, निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश एक निवेशक के लिए शेयरों और सेक्टर्स में बेहतर डायवर्सिफिकेशन (Diversification) उपलब्‍ध कराता है.
डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो (diversified portfolio) किसी निवेशक के निवेश जोखिम को कम करता है. अगर आप किसी खास स्‍टॉक में निवेश करते हैं तो जोखिम अधिक होता है जबकि डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो के मामले में बाजार में आने वाला उतार-चढ़ाव सभी शेयरों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं कर सकता.

निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश से मिलने वाला रिटर्न अंडरलाइंग इंडेक्‍स (Underlying Index) में उतार-चढ़ाव का अनुसरण करता है, उसे रिफ्लेक्‍ट करता है. ईटीएफ में निवेश करने के लिए आपको एक डीमैट खाते की आवश्यकता पड़ती है. जिनके पास डीमैट खाता नहीं है वे निफ्टी 50 इंडेक्स फंड में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं.

निफ्टी 50 ईटीएफ में निवेश अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है. चूंकि ईटीएफ निफ्टी 50 इंडेक्स को अप्रत्‍यक्ष रूप से (passively) ट्रैक करता है और इसकी लागत भी कम होती है. एक्सपेंंस रेशियो या फंड का चार्ज सिर्फ 0.02-0.05% है.

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Published at : 09 Nov 2022 08:42 AM (IST) Tags: stock market Mutual fund investment tips Exchange Traded Funds Nifty50 ETF हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

ETFs के प्रकार

Gold exchange traded funds

गोल्ड ईटीएफ्स

गोल्ड ई टी एफ एक एक्स्चेन्ज ट्रेडेड फन्ड (ई टी एफ) है जिसका उद्देश्य डोमेस्टिक फ़िज़िकल गोल्ड प्राईज की नियमित जानकारी रखना है।

एक गोल्ड ई टी एफ युनिट एक ग्राम गोल्ड के बराबर होती है और इसमें उत्तम शुद्धता का फ़िज़िकल गोल्ड होता है। गोल्ड ई टी एफ को नैशनल स्टॉक एक्स्चेन्ज ऑफ इन्डिया (एन एस ई) और बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेन्ज लिमिटेड (बी एस ई) में लिस्टेड किया गया है और किसी भी अन्य कंपनी के सिंगल स्टॉक की तरह इसकी ट्रेडिंग होती है। गोल्ड ई टी एफ को खरीदने का अर्थ है आप गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में खरीद रहे हैं। आप जैसे स्टॉक्स में ट्रेड करते हैं, वैसे ही गोल्ड ई टी एफ को खरीद या बेच सकते हैं। जब आप वास्तव में गोल्ड ई टी एफ को रिडीम करते हैं, तब आपको फ़िज़िकल गोल्ड नही मिलता लेकिन उसके मूल्य की नकद राशि मिलती है। अगर आप गोल्ड में ई टी एफ के ज़रिए निवेश करना चाहते हैं तो इस बात की पुष्टि कर लें कि ETFs के प्रकार वह पूरी तरह से फ़िज़िकलि बैक्ड ई टी एफ है।

गोल्ड ई टी एफ की ट्रेडिंग एक डीमटेरियलाईज़ड अकाउन्ट (डीमैट) और ब्रोकर के माध्यम से होती है जो गोल्ड का इलेक्ट्रॉनिक इन्वेस्टमेन्ट सरल बनाते हैं।

यह कैसे काम करता है?

  • प्योरिटी और प्राईज़:
    इसमें गोल्ड की प्योरिटी को लेकर किसी प्रकार की चिन्ता करने की ज़रुरत नहीं होती क्योंकि ये फन्ड्स 99.5% प्योर गोल्ड को दर्शाते हैं। गोल्ड ई टी एफ की प्राईज़ेस एनएसई की वेबसाइट पर दी जाती हैं और इन्हें ब्रोकर के द्वारा कभी भी बेचा या खरीदा जा सकता है। यहां पर एक बात ध्यान में रखने लायक यह है कि ज्वेलरी से थोड़ा अलग, गोल्ड ई टी एफ को पूरे भारत में एक ही कीमत पर बेचा और खरीदा जा सकता है।
  • कहां से खरीदा जाए:
    गोल्ड ई टी एफ को डीमैट और ट्रेडिंग अकाउन्ट के द्वारा, ब्रोकर की मदद से स्टॉक एक्स्चेन्ज से खरीदा जा सकता है। इसमें ब्रोकरेज फ़ीस और आपके द्वारा ई टी एफ को खरीदने और बेचने के दौरान फन्ड मैनेजमेन्ट के कुछ शुल्क लगते हैं।
  • क्या किसी प्रकार की कोई रिस्क है:
    गोल्ड ई टी एफ को स्टॉक एक्स्चेन्ज में ट्रेड किया जाता है इसीलिए इनमें इन्वेस्ट करना बड़ा ही सुरक्षित होता है, साथ ही यह आपके इन्वेस्टमेन्ट पोर्टफोलियो में आवश्यक वेरियेशन्स भी लाने में मदद करता है। जब भी गोल्ड के दाम बढ़ते हैं तब इन्वेस्टर के लिये रिस्क होता है, इसीलिए आपका अपने इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र की सल्लाह लेना आवश्यक है। गोल्ड ई टी एफ आपको इस रिस्क को कम करने में मदद करता है। इसकी गतिविधियाँ पर सिक्युरिटीज़ एक्स्चेन्ज बोर्ड ऑफ इन्डिया (एस ई बी आय) द्वारा नियंत्रित किया जाता है और इसी वजह से गोल्ड इन्वेस्टमेन्ट से संबंधित रिस्क कम हो जाती है। फन्ड हाउसेस द्वारा खरीदे जाने वाले गोल्ड का नियमित ऑडिट सरकारी एजेन्सियों द्वारा भी किया जाता है।

क्या यह मेरे लिये है?
यदि आप ऎसे व्यक्तियों में से हैं जिन्हें संचयन की समस्या के कारण फ़िज़िकल गोल्ड में इन्वेस्ट नहीं करना है और आपको इस इन्वेस्टमेन्ट में टैक्स के लाभ भी चाहिये, तब यह आपके लिये है। इसके अलावा आप सिर्फ एक बटन के क्लिक पर अपनी ई टी एफ को बेच और खरीद सकते हैं।

क्या अब भी आप यह सोच रहे हैं कि गोल्ड ई टी एफ एक बेहतरीन इन्वेस्टमेन्ट टूल क्यों है?

  • अगर आप गोल्ड में ई टी एफ के ज़रिए निवेश करना चाहते हैं तो इस बात की पुष्टि कर लें कि वह पूरी तरह से फ़िज़िकलि बैक्ड ई टी एफ है। आप कम से कम एक युनिट भी खरीद सकते हैं, जो एक ग्राम है।
  • आपको किसी प्रकार का प्रीमियम या मेकिंग चार्जेस नहीं देने होते, इसलिये आपका पैसा बचेगा यदि आपकी इन्वेस्टमेन्ट बड़ी भी है।
  • आपके गोल्ड की प्योरिटी की एकदम गारंटी होती है और हर युनिट के साथ हाय प्योरिटी के फ़िज़िकल गोल्ड का आश्वासन होता है।
  • पारदर्शी और रियल टाईम गोल्ड प्राईज़ेस।
  • आप स्टॉक एक्स्चेन्ज में लिस्ट और ट्रेड कर सकते हैं।
  • यह गोल्ड को अपने साथ रखने का एक टैक्स एफिशियन्ट तरीका है जिससे प्राप्त आय को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। आपको टैक्स के लाभ मिल सकते हैं जैसे वैल्थ टैक्स, सिक्युरिटी ट्रांज़ैक्शन टैक्स, वैट तथा सेल्स टैक्स से छुटकारा।
  • यह सुरक्षित है क्योंकि डीमैट होल्डिंग में चोरी का कोई डर नहीं होता और आपको किसी प्रकार के लॉकर के चार्जेस नही देने होते।
  • ई टी एफ को लोन के एवज़ में कोलैटरल के रुप में भी स्वीकार किया जाता है।
  • गोल्ड ई टी एफ के लिये कोई एन्ट्री और एग्ज़िट लोड नहीं होता।

म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट्स, मार्किट रिस्क्स की विषय वस्तु हैं, कृपया निवेश करने से पहले सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।

इसे रिडीम कैसे किया जाता है?
गोल्ड ई टी एफ को डीमैट और ट्रेडिंग अकाउन्ट के द्वारा, ब्रोकर की मदद से स्टॉक एक्स्चेन्ज से बेचा जा सकता है। आप भले ही ई टी एफ में इन्वेस्ट करते समय फ़िज़िकल गोल्ड भी साथ होता है, लेकिन याद रखिये कि गोल्ड की प्राईज़ का सबसे ज़्यादा फ़ायदा फ़िज़िकल गोल्ड लेने के बजाय ई टी एफ टूल का उपयोग करने में होता है। इसलिए जब आप इसे लिक्विडेट करते हैं, तब आपके ई टी एफ में मौजूद गोल्ड की स्थानीय मार्केट प्राईज़ के मूल्य की नकद राशि मिलती है। यदि आपके पास ई टी एफ में एक किलो या उसके समकक्ष गोल्ड होता है, तब असेट मैनेजमेन्ट कंपनियां आपको अपने ई टी एफ को फ़िज़िकल गोल्ड में बदलने की अनुमति दे सकती है।

ETFs के प्रकार

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Q. With reference to the Exchange Traded Fund ETF, which of the following statements is/are correct?Select the correct answer using the codes given below:Q. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ETF के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?निम्नलिखित कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए:

Q. With reference to the Exchange Traded Fund (ETF), which of the following statements is/are correct?

Select the correct answer using the codes given below:

Q. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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Gold exchange traded funds

गोल्ड ईटीएफ्स

गोल्ड ई टी एफ एक एक्स्चेन्ज ट्रेडेड फन्ड (ई टी एफ) है जिसका उद्देश्य डोमेस्टिक फ़िज़िकल गोल्ड प्राईज की नियमित जानकारी रखना है।

एक गोल्ड ई टी एफ युनिट एक ग्राम गोल्ड के बराबर होती है और इसमें उत्तम शुद्धता का फ़िज़िकल गोल्ड होता है। गोल्ड ई टी एफ को नैशनल स्टॉक एक्स्चेन्ज ऑफ इन्डिया (एन एस ई) और बॉम्बे स्टॉक एक्स्चेन्ज लिमिटेड (बी एस ई) में लिस्टेड ETFs के प्रकार किया गया है और किसी भी अन्य कंपनी के सिंगल स्टॉक की तरह इसकी ट्रेडिंग होती है। गोल्ड ई टी एफ को खरीदने का अर्थ है आप गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में ETFs के प्रकार खरीद रहे हैं। आप जैसे स्टॉक्स में ट्रेड करते हैं, वैसे ही गोल्ड ई टी एफ को खरीद या बेच सकते हैं। जब आप वास्तव में गोल्ड ई टी एफ को रिडीम करते हैं, तब आपको फ़िज़िकल गोल्ड नही मिलता लेकिन उसके मूल्य की नकद राशि मिलती है। अगर आप गोल्ड में ई टी एफ के ज़रिए निवेश करना चाहते हैं तो इस ETFs के प्रकार बात की पुष्टि कर लें कि वह पूरी तरह से फ़िज़िकलि बैक्ड ई टी एफ है।

गोल्ड ई टी एफ की ट्रेडिंग एक डीमटेरियलाईज़ड अकाउन्ट (डीमैट) और ब्रोकर के माध्यम से होती है जो गोल्ड का इलेक्ट्रॉनिक इन्वेस्टमेन्ट सरल बनाते हैं।

यह कैसे काम करता है?

  • प्योरिटी और प्राईज़:
    इसमें गोल्ड की प्योरिटी को लेकर किसी प्रकार की चिन्ता करने की ज़रुरत नहीं होती क्योंकि ये फन्ड्स 99.5% प्योर गोल्ड को दर्शाते हैं। गोल्ड ई टी एफ की प्राईज़ेस एनएसई की वेबसाइट पर दी जाती हैं और इन्हें ब्रोकर के द्वारा कभी भी बेचा या खरीदा जा सकता है। यहां पर एक बात ध्यान में रखने लायक यह है कि ज्वेलरी से थोड़ा अलग, गोल्ड ई टी एफ को पूरे भारत में एक ही कीमत पर बेचा और खरीदा जा सकता है।
  • कहां से खरीदा जाए:
    गोल्ड ई टी एफ को डीमैट और ट्रेडिंग अकाउन्ट के द्वारा, ब्रोकर की मदद से स्टॉक एक्स्चेन्ज से खरीदा जा सकता है। इसमें ब्रोकरेज ETFs के प्रकार फ़ीस और आपके द्वारा ई टी एफ को खरीदने और बेचने के दौरान फन्ड मैनेजमेन्ट के कुछ शुल्क लगते हैं।
  • क्या किसी प्रकार की कोई रिस्क है:
    गोल्ड ई टी एफ को स्टॉक एक्स्चेन्ज में ट्रेड किया जाता है इसीलिए इनमें इन्वेस्ट करना बड़ा ही सुरक्षित होता है, साथ ही यह आपके इन्वेस्टमेन्ट पोर्टफोलियो में आवश्यक वेरियेशन्स भी लाने में मदद करता है। जब भी गोल्ड के दाम बढ़ते हैं तब इन्वेस्टर के लिये रिस्क होता है, इसीलिए आपका अपने इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र की सल्लाह लेना आवश्यक है। गोल्ड ई टी एफ आपको इस रिस्क को कम करने में मदद करता है। इसकी गतिविधियाँ पर सिक्युरिटीज़ एक्स्चेन्ज बोर्ड ऑफ इन्डिया (एस ई बी आय) द्वारा नियंत्रित किया जाता है और इसी वजह से गोल्ड इन्वेस्टमेन्ट से संबंधित रिस्क कम हो जाती है। फन्ड हाउसेस द्वारा खरीदे जाने वाले गोल्ड का नियमित ऑडिट सरकारी एजेन्सियों द्वारा भी किया जाता है।

क्या यह मेरे लिये है?
यदि आप ऎसे व्यक्तियों में से हैं जिन्हें संचयन की समस्या के कारण फ़िज़िकल गोल्ड में इन्वेस्ट नहीं करना है और आपको इस इन्वेस्टमेन्ट में टैक्स के लाभ भी चाहिये, तब यह आपके लिये है। इसके अलावा आप ETFs के प्रकार सिर्फ एक बटन के क्लिक पर अपनी ई टी एफ को बेच और खरीद सकते हैं।

क्या अब भी आप यह सोच रहे हैं कि गोल्ड ई टी एफ एक बेहतरीन इन्वेस्टमेन्ट टूल क्यों है?

  • अगर आप गोल्ड में ई टी एफ के ज़रिए निवेश करना चाहते हैं तो इस बात की पुष्टि कर लें कि वह पूरी तरह से फ़िज़िकलि बैक्ड ई टी ETFs के प्रकार एफ है। आप कम से कम एक युनिट भी खरीद सकते हैं, जो एक ग्राम है।
  • आपको किसी प्रकार का प्रीमियम या मेकिंग चार्जेस नहीं देने होते, इसलिये आपका पैसा बचेगा यदि आपकी इन्वेस्टमेन्ट बड़ी भी है।
  • आपके गोल्ड की प्योरिटी की एकदम गारंटी होती है और हर युनिट के साथ हाय प्योरिटी के फ़िज़िकल गोल्ड का आश्वासन होता है।
  • पारदर्शी और रियल टाईम गोल्ड प्राईज़ेस।
  • आप स्टॉक एक्स्चेन्ज में लिस्ट और ट्रेड कर सकते हैं।
  • यह गोल्ड को अपने साथ रखने का एक टैक्स एफिशियन्ट तरीका है जिससे प्राप्त आय को लॉन्ग टर्म कैपिटल ETFs के प्रकार गेन माना जाता है। आपको टैक्स के लाभ मिल सकते हैं जैसे वैल्थ टैक्स, सिक्युरिटी ट्रांज़ैक्शन टैक्स, वैट तथा सेल्स टैक्स से छुटकारा।
  • यह सुरक्षित है क्योंकि डीमैट होल्डिंग में चोरी का कोई डर नहीं होता और आपको किसी प्रकार के लॉकर के चार्जेस नही देने होते।
  • ई टी एफ को लोन के एवज़ में कोलैटरल के रुप में भी स्वीकार किया जाता है।
  • गोल्ड ई टी एफ के लिये कोई एन्ट्री और एग्ज़िट लोड नहीं होता।

म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टमेंट्स, मार्किट रिस्क्स की विषय वस्तु हैं, कृपया निवेश करने से पहले सभी दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।

इसे रिडीम कैसे किया जाता है?
गोल्ड ई टी एफ को डीमैट और ट्रेडिंग अकाउन्ट के द्वारा, ब्रोकर की मदद से स्टॉक एक्स्चेन्ज से बेचा जा सकता है। आप भले ही ई टी एफ में इन्वेस्ट करते समय फ़िज़िकल गोल्ड भी साथ होता है, लेकिन याद रखिये कि गोल्ड की प्राईज़ का सबसे ज़्यादा फ़ायदा फ़िज़िकल गोल्ड लेने के बजाय ई टी एफ टूल का ETFs के प्रकार उपयोग करने में होता है। इसलिए जब आप इसे लिक्विडेट करते हैं, तब आपके ई टी एफ में मौजूद गोल्ड की स्थानीय मार्केट प्राईज़ के मूल्य की नकद राशि मिलती है। यदि आपके पास ई टी एफ में एक किलो या उसके समकक्ष गोल्ड होता है, तब असेट मैनेजमेन्ट कंपनियां आपको अपने ई टी एफ को फ़िज़िकल गोल्ड में बदलने की अनुमति दे सकती है।

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