शुरुआती के लिए विकल्प ट्रेडिंग

आपको मार्केट ऑर्डर का उपयोग कब करना चाहिए?

आपको मार्केट ऑर्डर का उपयोग कब करना चाहिए?
आप निफ्टी और सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयर को बेजिझक खरीद सकते हैं क्योंकि वह कंपनियां अपने क्षेत्र की बहुत अच्छी कंपनियां हैं।

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iPhone 13 के दाम में खरीदें iPhone 14, ऐसे करें ऑनलाइन ऑर्डर

Apple यूजर्स के लिए एक शानदार ऑफर है, जिससे सस्ते में लेटेस्ट लॉन्च Apple iPhone 14 स्मार्टफोन खरीदा जा सकता है। इस डील में यूजर्स iPhone 13 के दाम में iPhone 14 स्मार्टफोन खरीद पाएंगे। जी, हां Apple iPhone 14 पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। iPhone 14 को बिक्री के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। आइए जानते हैं इस पर मिलने वाले डिस्काउंट ऑफर के बारे में..

iPhone 14 के डिस्काउंट ऑफर

Apple की तरफ से हाल ही में iPhone 14 को 79,900 रुपये में लॉन्च किया गया था। लेकिन लॉन्च के कुछ माह बाद अब iPhone 14 के 128GB स्टोरेज मॉडल को Amazon पर करीब 1,500 रुपये की छूट के बाद 78,400 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। अगर आप HDFC बैंक क्रेडिट और डेबिट कार्ड से iPhone 14 स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो आपको 5,000 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। ऐसे में iPhone 14 की कीमत 73,400 रुपये रह जाएगी। वही iPhone 14 पर अधिकतम 16,300 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। मतलब पुराने स्मार्टफोन को देने पर अधिकतम 16,300 रुपये तक की छूट मिलेगी। लेकिन यह छूट आपके पुराने फोन की कंडीशन पर निर्भर करेगी। इस तरह सभी डिस्काउंट लगाने के बाद iPhone 14 की कीमत 57,100 रुपये रह जाती है।

SBI और Zomato की यारी दिला रही है फूड ऑर्डर पर 20% का डिस्काउंट, आपके पास होने चाहिए ये कार्ड

SBI Zomato Offers: अगर आपके पास एसबीआई का मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड है और आप ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो पर खाना आर्डर करते हैं तो आपको 20 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा.

SBI Zomato Offers: अगर आप खाने के शौकीन हैं तो डिस्काउंट के साथ ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने का आपके पास एक शानदार मौका है. कस्टमर्स को यह मौका भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और जोमैटो मिलकर दे रहे हैं. इन दोनों कंपनियों ने टाइ अप किया है. इसके तहत अगर आपके पास एसबीआई का मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड है और आप ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) पर खाना आर्डर (online food order from zomato) करते हैं तो आपको 20 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा.

10 Best Share Market Tips in Hindi (शेयर मार्केट टिप्स)

10 Best Share Market Tips in Hindi (शेयर मार्केट टिप्स)

शेयर बाजार में निवेश का मतलब है किसी कंपनी और उसके कारोबार में निवेश करना। अब जब आप अपना पैसा किसी बिजनेस में लगा रहे हैं तो उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है साथ ही उस कंपनी में वर्तमान में क्या चल रहा है और उस कंपनी ने आने वाले समय में ग्रोथ के लिए क्या किया है, यह भी पता होना आवश्यक हैं।

जिस प्रकार शेयर बाज़ार के नियम होते हैं, ठीक उसी प्रकार यहां कुछ शेयर मार्केट टिप्स (Share Market Tips in Hindi) दी गई हैं जो आपको सही निवेश करने में मदद करेंगी।

अंतिम शब्द

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने शेयर मार्केट टिप्स (Share Market Tips in Hindi) के बारे में विस्तार से जाना हैं। मैं आशा करता हूँ की आप सभी को हमारा यह आर्टिकल जरुर से पसंद आया होगा।

अब यदि आपको यह लेख पसंद आया हैं और इससे कुछ भी नया सिखने को मिला हो तो इसे अपने सभी दोस्तों के साथ भी जरुर से शेयर करें।

आर्टिकल को अंत तक पढने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!

सुधांशु HindiQueries के संस्थापक और सह-संस्थापक हैं। वह पेशे से एक वेब डिज़ाइनर हैं और साथ ही एक उत्साही ब्लॉगर भी हैं जो हमेशा ही आपको सरल शब्दों में बेहतर जानकारी प्रदान करने के प्रयास में रहते हैं।

ऑर्डर ट्रैकिंग की जानकारी प्राप्त करें

फ़्लिपकार्ट मोबाइल ऐप में, आपको एक सीधी लाईन दिखाई देगी जो आपके ऑर्डर के डिलिवरी क्रम को दर्शाएगी। इस क्रम में चार चरण होते हैं – ऑर्डर्ड-Ordered एवं/एंड अप्रूव्ड-Approved, पैक्ड-Packed, शिप्ड- Shipped एवं/एंड डिलिवरी-Delivery (ऑर्डर किया जाना और मंज़ूर किया जाना, पैक होना, शिप किया जाना और डिलिवर होना)। यह लाईन आपका ऑर्डर किस प्रोसेसिंग चरण में है उस हिसाब से हरी या स्लेटी होती है। सबसे हालिया चरण एक गोलाकार आइकन में हाइलाइट होता है। उदाहरण के लिए, यदि आपके ऑर्डर को शिप कर दिया गया है, तो आप देखेंगे कि गोलाकार आइकन डार्क हो कर वो फ़ेड हो गया है ताकि आपका ध्यान तीसरे चरण – Shipped की ओर चला जाए।

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और कोई जानकारी

क्या आपको और कोई जानकारी चाहिए? चार चरणों में से किसी एक चरण पर क्लिक करें और आपको अपने ऑर्डर की अनुमानित वितरण तिथि के साथ जानकारी दिखाई देगी। उदाहरण के लिए, यदि आपका ऑर्डर शिप हो चुका है, तो आप संबंधित तिथियों के साथ यह देख पाएंगे कि आपका ऑर्डर कहां शिप हुआ, पहुँचा और डिस्पैच हुआ। मुख्य मेनू पर वापस जाने के लिए अपने स्मार्टफ़ोन पर बैक बटन दबाएं।

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आपके ऑर्डर्स के संबंध में अधिक जानकारी

क्या आप अपने ऑर्डर को ट्रैक करने के अलावा और भी कुछ करना चाहते हैं? डिलिवरी क्रम के नीचे, आपको दो बड़े टैब्स दिखाई देंगे: ‘Cancel’ और ‘Need Help?’। अपना कारण बताते हुए अपने ऑर्डर को कैंसल करने के लिए Cancel पर टैप करें और इस प्रक्रिया को आसानी से करने के लिए पेज पर मौजूद विकल्प चुनें।

अगला स्क्रीन देखने के लिए ‘Need Help?’ पर टैप करें जहां आप अपने ऑर्डर के साथ हुई समस्या चुन सकते हैं चाहे यह कैंसिलेशन, वापसी, छूट, या भुगतान के बारे में ही क्यों न हो। यहां आप कुछ प्रश्नों के उत्तर प्राप्त करेंगे जैसे कि, ‘मैं कैसे पता करूं कि मेरे ऑर्डर के लिए कैशबैक लागू हुआ है या नहीं?’ या ‘मेरे ऑर्डर में देरी क्यों हो गई है? समस्या पर क्लिक करके तुरंत उत्तर प्राप्त करें।

अतिरिक्त सहायता के लिए फ़्लिपकार्ट ग्राहक सहायता से संपर्क करें

यदि आपको अतिरिक्त सहायता की ज़रूरत है तो पेज के नीचे Contact Us बटन पर क्लिक करें। यहां आप अपने प्रश्न या समस्या के समाधान के लिए फ़्लिपकार्ट टीम के साथ ईमेल या चैट पर बातचीत का विकल्प चुन सकते हैं।

अपने ऑर्डर को ट्रैक करना आसान और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, आप अब मुख्य पेज पर दो अतिरिक्त सुविधाएं चुन सकते हैं। अपने ऑर्डर पर ऑटोमैटिक अपडेट प्राप्त करने के लिए, छोटी नीली घंटी के आइकन वाली Subscribe to Updates पर क्लिक करें। इस तरह आप ऐप खोले बिना भी ऑर्डर के बारे में जान पाएंगे।

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Stock Exchange: जाने, शेयर बाजार में क्या है अपर सर्किट और लोअर सर्किट?

शेयर बाजार में क्या है अपर सर्किट

शेयर बाजार में क्या है अपर सर्किट

  • भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कुछ सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी तेजी दिखी
  • इस दिन कुछ सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी तेजी देखी गई
  • कुछ बैंकों के कारोबार पर सर्किट ब्रेकर भी लगा
  • आपको मालूम है कि क्या होता है सर्किट ब्रेकर
  1. क्यों घटता-बढ़ता है शेयर का मूल्य?
    सामान्य निवेशक इस बात को लेकर कभी कभी बहुत हैरान रहते हैं कि शेयर का मूल्य किस हिसाब से बढ़ता और घटता रहता है। शेयर का मूल्य दो कारणों से बढ़ता या घटता रहता है। पहला कारण शेयर की सप्लाई और डिमांड आपको मार्केट ऑर्डर का उपयोग कब करना चाहिए? और दूसरा कारण कंपनी द्वारा मुनाफा कमाना या कंपनी का घाटा। लेकिन, अगर हम स्टॉक ट्रेडिंग में देखें तो शेयर की सप्लाई और डिमांड की वजह से अधिकतर शेयर का मूल्य घटता बढ़ता रहता है। जब भी शेयर की डिमांड बढ़ती है यानी ज्यादा लोग खरीदते हैं तो उसका दाम बढ़ जाता है। और, जब लोग शेयर को बेचना स्टार्ट कर देते हैं तब शेयर का मूल्य घटने लगता है यह इस तरह से काम करता है।
  2. क्या है लोअर सर्किट?
    मान लीजिए आपके पास किसी कंपनी का शेयर हैं। किसी वर्ष के दौरान उस कंपनी को किसी कारणवश घाटा लगना शुरू हो जाता है। ऐसे में आप उस कंपनी का शेयर बेचने लगेंगे। ऐसे ही बहुत से लोग जो उस कंपनी के शेयर को लिए होंगे वह भी बेचना शुरू कर देंगे। जब सब बेचना शुरू कर देंगे तो एक ही दिन में उस कंपनी का शेयर शून्य तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में शेयर का मूल्य एक निश्चित सीमा तक गिरे इसके लिए NSE तथा BSE स्टॉक एक्सचेंज ने कुछ नियम बनाए हैं। जिनके अंतर्गत जब किसी कंपनी में अचानक सब लोग शेयर बेचना शुरू कर दें तो एक निश्चित सीमा तक ही उस शेयर का मूल्य घटेगा। उसके बाद उस शेयर की ट्रेडिंग बंद हो जाएगी। यह जो मूल्य घटने की सीमा है, उसे ही लोअर सर्किट कहते हैं।
  3. लोअर सर्किट का इस्तेमाल कब होता है?
    लोअर सर्किट के तीन चरण होते हैं। यह 10 फीसदी, 15 फीसदी और 20 फीसदी की गिरावट पर लगता है। यदि 10 फीसदी की गिरावट दिन में 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में एक घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है। इसमें शुरुआती 45 मिनट तक कारोबार पूरी तरह रुका रहता है और 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन होता है। यदि 10 फीसदी का सर्किट दोपहर 1 बजे के बाद लगता है, तो कारोबार 30 मिनट के लिए रुक जाता है। इसमें शुरुआती 15 मिनट तक कारोबार पूरी तरह रुका रहता है और 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन होता है। यदि 2.30 बजे के बाद 10 फीसदी का लोअर सर्किट लगता है, तो कारोबार सत्र के अंत तक यानी 03.30 बजे तक जारी रहता है।
  4. क्या है 15 फीसदी का सर्किट नियम?
    यदि 15 फीसदी की गिरावट 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में दो घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है। इसमें शुरुआती 1 घंटा और 45 मिनट तक कारोबार पूरी तरह रुका रहता है और 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन होता है। यदि 15 फीसदी का सर्किट दोपहर 1 बजे के बाद लगता है, तो कारोबार एक घंटे के लिए रुक जाता है. इसमें शुरुआती 45 मिनट तक कारोबार पूरी तरह रुका रहता है और 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन होता है। यदि 2.30 बजे के बाद 15 फीसदी का लोअर सर्किट लगता है, तो कारोबार के अंत तक यह लगा रहता है।
  5. क्या है अपर सर्किट
    अपर सर्किट को एक उदाहरण के जरिए समझते हैं। मान लीजिए कि आपके पास किसी कंपनी के शेयर हैं। उस कंपनी को खूब मुनाफा होता है या किसी कारणवश उस कंपनी में निवेशकों की रूचि बढ़ जाती है। ऐसे में उस कंपनी के शेयर का दाम खूब चढ़ने लगता है। ऐसे में किसी कंपनी के शेयर का मूल्य एक ही दिन में आसमान में पहुंच जाएगा। आपको मार्केट ऑर्डर का उपयोग कब करना चाहिए? इसी हालत से बचने के लिए शेयर बाजार में अपर सर्किट का प्रावधान है। उस निश्चित मूल्य सीमा तक उस कंपनी के शेयर का दाम पहुंचते ही उसमें अपर सर्किट लग जाएगा और उसकी ट्रेडिंग बंद हो जाएगी। जिस तरह से लोअर सर्किट पर 10, 15 और 20 फीसदी का नियम लागू होता है, वही नियम अपर सर्किट पर भी लागू होता है।
  6. कारोबार रुकने के बाद कब और कैसे शुरू होता है?
    सर्किट लगने पर कारोबार रुक जाता है। जब बाजार दोबारा खुलता है तो पहले 15 मिनट का प्री-ओपन सत्र होता है। इसके बाद सामान्य कारोबार शुरू होता है और यह अगला सर्किट लगने या सत्र के अंत (जो भी पहले हो) तक जारी रहता है।
  7. सर्किट का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
    सर्किट के स्तर स्टॉक एक्सचेंज द्वारा तय किए जाते हैं। इन्हें आपको मार्केट ऑर्डर का उपयोग कब करना चाहिए? निवेशकों और ब्रोकरों के हितों को ध्यान में रख कर लगाया जाता है ताकि उन्हें बाजार के बड़े झटकों से बचाया जा सके। बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान कारोबारियों को करारा झटका लगता है। ऐसी स्थिति में बाजार पर दबाव बढ़ जाता है।
  8. भारतीय शेयर बाजार में कब से हुआ सर्किट का प्रावधान?
    भारतीय शेयर बाजार में अपर सर्किट और लोअर सर्किट का इतिहास 28 जून 2001 से शुरू होता है। उसी दिन बाजार नियामक सेबी ने सर्किट ब्रेकर की व्यवस्था की थी। यह व्यवस्था लागू होने के बाद इसका पहली बार इस्तेमाल 17 मई 2004 को हुआ था।
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